Saturday, December 28, 2013

please let me go…



If you can't accompany till infinity …then please let me go…
Sleep on the fire and in the holy river let me flow…
Every breath has become heavy and the time is moving so slow…
I wanted to live, to enjoy, to rejoice and to glow…
Every day i am sinking, going nearer to the end…
The warmth has gone, am as cold as snow…
Every day the sun is setting a little early …
Life has came to a halt, there’s nothing more to grow…
Every day the night is becoming a little longer…
I don’t know till when I have to pay and how much I owe…
Now there is no hope on the horizon, can’t handle this pain…
Want to rest in peace… please let me go…

Monday, December 16, 2013

i don't know what's going on...

i don’t know what is driving me insane
I am not liking it at all
it’s not about you or anything specific...
just feeling that a day went into vain

why the world went so silent
I am waiting to listen my own voice.
It seems everything is different
But they said nothing has changed

for no reason for no mistake
the punishment persists of being a girl
my everyday goes looking at walls
why I have become unresponsive to calls
there is a lot more left to repay the Owes
there is lot more to be rearranged

is breathing only is living
what is this all what life is giving
am i suppose to live like this
or is there's someone who will understand my pain..

the discussion is endless, path is uncertain and the destination

is unclear.
just moving like that trying to walk away from my own shadow
i don't know where i am going.
i don't know what's going on...

Thursday, March 14, 2013

याद है...

तेरा मुझे बेवज़ह देख के मुस्कुराना याद है
देर रात बिना बात के घंटों बातें बनाना याद है
हूँ मैं भी खूबसूरत , तेरा हल पल मुझे ये एहसास दिलाना याद है
भूल सारे अफसाने , अपने प्यार का तराना गाना याद है
याद है हर किया हुआ वादा
पल जो बचे थे उन पलों से लम्हे चुराना याद है
याद है वो तेरा मेरा बिना बहाने हाथ थामना
तेरा वो हर दिन मेरी राह देखना याद है
याद है वो मेरे लिए यूँ ही फूल लाना
तेरा मेरी ख़ामोशी को भी समझना याद है
याद है मेरी एक मुस्कराहट के लिए कुछ भी कर गुजरने का जज्बा
मेरे हर दर्द को तेरा अपना समझना याद है.
मैं तो कुछ भी नहीं भूली , पर क्या तुम्हे साथ बीताई कोई बात याद है ?





Saturday, December 22, 2012

लगता है सर्दियाँ आ गई है

धुंद की चादर बिछने लगी ...
खिड़कियाँ फिर से बंद होने लगी  ...
लगता है सर्दियाँ आ गई है ...
मुन्ग्फलियो की खुशबु फिर से हवाओं में है ...
मकई के लावे फिर से चटखने  लगे ...
लगता है सर्दियाँ आ गई है ...
आलस ने फिर से घेर लिया ...
जमे से हाथ पाओं फिर से सिकुड़ने लगे ...
लगता है सर्दियाँ आ गई है ...
दिन की घड़ियाँ फिर से कम होने लगी ...
रात के पल फिर से लम्बे होने लगे ...
लगता है सर्दियाँ आ गई है ...



Tuesday, October 23, 2012

टुकड़ा टुकड़ा ज़िन्दगी !!!!

>कोई कहता है काशी में रहता है ...
कोई कहता है मस्जिदों में रहता है ...
मुझे तो बस इतना पता है...मेरा मंदिर , मस्जिद तो वहाँ है...
जहाँ मेरा ख़ुदा रहता है ... 

  >मेरी ख़ामोशी जो तू सुन पाए तो क्या बात हो...
मेरी आरज़ू में तू  मचल जाये तो क्या बात हो...
मैंने कर लिया बहुत प्यार तुझसे ...
मेरे इंतज़ार में अब तू रातें बिताये तो क्या बात हो ....  

    >कुछ छोटी छोटी ख्वाहिशे रह जाती है ...
                  कुछ खट्टी मीठी यादें रह जाती हैं ...
                  बहुत बातें करते है हर रोज़ तुमसे ...
                  फिर भी कहने को कुछ बातें रह जाती है ...


 > बन के ख़ाब जो तू मेरी आखों में उतर जाये तो क्या हो ?
बन के प्यार की सौगात ये शब् बरस जाये तो क्या हो?
यु तो तेरा मिलना मुझसे मुमकिन नही इस जहा में...
बन के जिन्गदी जो उस जहा में तू मिल जाये तो क्या हो?



  >बहुत दर्द , बहुत कसक थी जीने में तुझे देखा तो भूल गये , मेरा गम क्या था !!!



                     >अकेले कहा हो तुम , हम साथ चले है
                      खुशियाँ बाटी है तो आशु भी साथ बहे है
                      फीकी ज़िन्दगी कैसे हो सकती है तुम्हारी
                     तुम्हारी ज़िन्दगी में मैंने अपने ख्वाबो के रंग भरे हैं

>हम मंजिलो तक चलने का वादा करते है
तू अगर बस दो कदम साथ दे दे
सारे फासले मिटाने का वादा करते है
तू अगर मेरे हाथो में अपना हाथ दे दे

         > चाहो तो किस्मत भी बदलती है ...
            मांगने से तो रातों में भी रौशनी बरसती है...
             छु के आज मुझे भी कोई रूप दे दो ...
             सुना है तेरे छूने से मिटटी भी मूरत में बदलती है !!!

                    >जीते हम नही , तो मरा तुम भी करते हो...
                      सुलगते हम है , तो जला तुम भी करते हो...
                      मोहब्बत दोनों के दिल में है लेकिन फर्क बस इतना है...
                       की इश्क हम तुमसे , तुम किसी और से करते हो !!!

>बस तुझे पाने की हसरत की थी ...
तेरे साथ ज़िन्दगी बिताने की चाहत की थी ....
क्या मैंने कुछ ज्यादा माँगा था ...
की खुदा ने मुझसे मेरा सब कुछ छीन लिया !!!!


                                 >गयी तेरी बातें मुझे ऐसे बाँट के...
                             बस दो ही पल तो हम साथ थे..
                             फिर तेरे प्यार में इसे बहे हम...
                             कि हम ना घर के रहे ना घाट के .!!!!


>खुद की तलाश में भटकते रहे हम यहा से वहा
चले थे कहा से कहा को , और पहुंचे कहा
सोचा था मंदिरों , मश्जिदो में कही खुदा मिल जायेगा
और देख मेरी किस्मत ने मुझे तुझ से मिला दिया !!!


                         >जब लब हो खामोश , निगाहें बात करती हैं
                          मेरी तनहईयों तेरी सादएं बात करती है
                         समझ सको तो समझो मेरी खामोसी को
                        मुहोब्बत की ये एक अलग ज़ुबान होती है 


>ये दिल , ये कम्बखत हर वक़्त परेशान करता है ...
जाने क्यों ये बस तुम से प्यार करता है ...
जो कभी इसे मिल नही सकता ...
जाने क्यों ये उसी एक चीज़ की तलाश करता है !!! >सफ़र है तो मंजिलें भी मिलेंगी ...
एक बार मंजिलों का फैसला तो कर के देखो...
सारी मुश्किलें आसन हो जाएँगी...
एक बार दिल से हौसला कर के तो देखो!!!
   >खुद मर्ज़ दे के पूछते है , बता तेरे दर्द की वज़ह क्या है....
क्यों है इतना परेशान ए नादान , बता तेरे इस मर्ज़ की दवा क्या है ...
                                         





Tuesday, September 25, 2012

तेरा साथ !!!!

लोग कहते है मुझे पागल, कोई मुझसे पूछे तो बताऊँ उन्हें मैं ...
तेरी खुशबू को सांसो में बसा के जीने का मज़ा ही कुछ और है।
वो तो रहते है अपने ही धुन में खोये कही , उन्हें कौन बताये
तेरी यादों में गुम होने का मज़ा ही कुछ और है
करते होंगे वो कीमती नशा ,महंगी दुकानों से , कौन बताये उन्हें
तेरी आँखों से नशा करने का मज़ा ही कुछ और है।
वो जलते है दुनिया की भीड़ में एक तिनका बनके , कौन समझाए उन्हें
तेरी तनहाइयों में कतरा कतरा पिघलने का मज़ा ही कुछ और है .
वो दिलाते है भरोसा आपने हुनर का , कोई कैसे कहे उनसे
तेरी यकीन पे यकीन करने का मज़ा ही कुछ और है।
वो गिर जाते है रोशनी में भी चलते हुए , कोई बता दे उन्हें
तेरी परछईयों को पकड के चलने का मज़ा ही कुछ और है।
वो निकलते है किनारों से बच के अक्सर , कोई दिखाए उन्हें
तेरी गहराईयों में उतरने का मज़ा ही कुछ और है।








Wednesday, September 19, 2012

फर्क ...

सीखा था  तुमसे प्यार करने का मतलब ,
साथ होने और साथ देने में  फर्क ,
चलो इस बार किसी और के साथ हो लेते हैं , तुम्हारा साथ फिर कभी दे देंगे .
सिखा था तुमसे हसने , रोने का मतलब ,
ज़िन्दगी बिताने और जीने का फर्क ,
चलो इस बार ज़िन्दगी बीता  लेते है , तुम्हारे साथ ज़िन्दगी फिर कभी जी लेंगे ,
सिखा था तुमसे किसी का हो जाने का मतलब
रास्तों पे चलने और बढ़ने का फर्क  ,
चलो इस बार चलते है ज़िन्दगी से प्यार फिर कभी कर लेंगे।।।



Tuesday, September 18, 2012

HAPPY BIRTHDAY Baba...


The emptiness in my life is still in a silent void , though i took several steps forward since you left me alone but i still i walk down the memory lane. I miss the time spent with you , the times when u understood my silence, the times when you ignored my anger, the memories , the useless laughter and the serious discussion. I miss them all...I MISS YOU Baba... HAPPY BIRTHDAY...stay with me always...M alone without u...

I Know You Are Still Watching Me And Blessing Us from The Heaven .....Miss U ...Keep Blessing Us....